Sunday, July 30, 2023

स्टॉक मार्केट या शेयर बाजार

 स्टॉक मार्केट या शेयर बाजार 




शेयर मार्केट का इतिहास


16वीं सदी में डच ईस्ट इंडिया कंपनी का विदेशी व्यापार में दबदबा था. कंपनी दुनियाभर में जहाजों के जरिए व्यापार कर रही थी. लेकिन जहाजों का संचालन एक महंगा सौदा था. इसलिए कंपनी ने हर बंदरगाह के आसपास रहने वाले व्यापारियों की मदद लेना तय किया.


कंपनी ने व्यापारियों से संपर्क कर कहा कि अगर वे जहाजों के संचालन में पैसा लगाते हैं तो जहाजों से होने वाले मुनाफे में भी उन्हें हिस्सा मिलेगा. हिस्से को अंग्रेजी में शेयर कहा जाता है. व्यापारियों को ये योजना पसंद आई और उन्होंने जहाजों के संचालन में पैसा निवेश किया. इस व्यापार और हिस्सेदारी को दुनिया का पहला शेयर मार्केट कहा जाता है.


शेयर मार्केट की वर्तमान स्थिति


शेयर मार्केट की खबरों में सेंसेक्स और निफ्टी का जिक्र भी बार बार आता है. ये दोनों इंडेक्स यानी सूचकांक हैं. सेंसेक्स दो शब्दों सेंसटिव और इंडेक्स से बनकर मिला है. हिंदी में इसे संवेदी सूचकांक कहते हैं. बीएसई में मुख्य तौर पर 30 बड़ी कंपनियां लिस्टेड हैं. इन 30 कंपनियों की सेहत से ही सेंसेक्स तय होता है. सेंसेक्स इन कंपनियों की वित्तीय सेहत का पैमाना है.


मार्केट कैप


मार्केट कैप मतलब शेयर बाजार में आने के बाद कंपनी की कुल पूंजी. मानकर चलिए किसी कंपनी के पास 10 लाख रुपये की पूंजी है. लेकिन उसे और पूंजी की जरूरत है. ऐसे में उसने पचास प्रतिशत हिस्से के शेयर जारी कर दिए. मानकर चलिए 1 लाख शेयर जारी किए गए जिनकी कीमत प्रति शेयर 10 रुपये थी. इसको आईपीओ निकालना कहा जाएगा. कंपनी को उम्मीद थी की इससे उन्हें 10 लाख रुपये मिलेंगे. लेकिन निवेशकों को कंपनी का आइडिया अच्छा लगा और उसके शेयरों की डिमांड बढ़ गई. कंपनी के शेयर 10 की जगह 50 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से बिके. ऐसे में कंपनी को 50 लाख रुपये की कमाई हुई. पूंजी की ये पूरी कमाई मार्केट कैपिटलाइजेशन या मार्केट कैप कहलाती है.


फ्री फ्लोट फैक्टर


अब जब कंपनी की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक में बिक गई है तो इस 50 प्रतिशत हिस्से से ही कंपनी का सूचकांक तय होगा. ये 50 प्रतिशत हिस्सा शेयर मार्केट के हिसाब से चलेगा. शेयर बाजार में बढ़ोत्तरी पर कंपनी का मार्केट कैप बढ़ेगा और घटने पर घटेगा. यह हिस्सा कंपनी के कामकाज से मुक्त यानी फ्री रहेगा. इसलिए इसे फ्री फ्लोट फैक्टर कहते हैं. इसकी कैल्कुलेशन का भी एक फॉर्मूला है.


जब कोई कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो उसके शेयरों को लोग ज्यादा खरीदते हैं और उसकी डिमांड बढ़ जाती है. ऐसे ही जब किसी कंपनी के बारे में ये अनुमान लगाया जाए कि भविष्य में उसका मुनाफा कम होगा, तो कंपनी के शेयर गिर जाते हैं. 


भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बारिश अच्छी या खराब होने का असर भी शेयर मार्केट पर पड़ता है. खराब बारिश से बाजार में पैसा कम आएगा और मांग घटेगी. ऐसे में शेयर बाजार भी गिरता है. हर राजनीतिक घटना का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता है. चीन और अमेरिका के कारोबारी युद्ध से लेकर ईरान-अमेरिका तनाव का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता है. इन सब चीजों से व्यापार प्रभावित होते हैं.


व्यापार से संबंधित कारकों के अलावा, शेयरों की कीमतें अर्थव्यवस्थाओं, मुद्रास्फीति, ब्याज दरों, विदेशी बाजारों, वैश्विक वित्त और अधिक को बदलने से भी प्रभावित होती हैं। निवेशकों को बाजार के रुझान के शीर्ष पर रहने के लिए सक्षम होने के लिए बदलते घटनाक्रम के लिए बाहर देखना चाहिए। यह जानकारी उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करती है जो नुकसान से बचने में मदद करेगी। जब बहुत सारे स्टॉक इतने हद तक प्रभावित होते हैं कि यह बाजार में लहर पैदा कर सकता है, तो यह स्टॉक मार्केट क्रैश का कारण बन सकता है।




स्टॉक मार्केट या शेयर बाजार बिना मेहनत के पैसा कमाने की जगह लोगों को लगती है, लेकिन ऐसा नहीं है । यह  पैसिव इनकम कमाने का एक जरिया है परन्तु आजकल कोरोना वायरस के बाद के  वर्षों में कुछ लोगों के लिए यह  daily का  व्यवसाय बन गया है । 

लोग एक दूसरे की देखा देखी शेयर बाजार में आते हैं परंतु ऐसा नहीं है । यहां पर विश्लेषण करके आना अति आवश्यक है।  इसमें प्रवेश करने से पूर्व कुछ ज्ञान अवश्य ले लीजिए।  शेयर बाजार की तकनीकी बारीकियां सीखिए ।   इसकी शब्दावली को पूरी तरह  जानिए।  



यह बात हकीकत है कि शेयर बाजार में कोई भी एक्सपोर्ट या विशेषज्ञ नहीं है, चाहे वह 20 से 25 वर्षों से अधिक यहां कार्य कर रहा हो।  शायद इसी वजह से इसे सेंसेक्स अथवा सेंसिटिव इंडेक्स कहा जाता है क्यूंकि यह बाजार के मूड के आलावा काफी सारे फैक्टर्स पर कार्य करता है।   


 आजकल मल्टीबैगर स्टॉक्स  ने आम आदमी को शेयर मार्केट की ओर अग्रसर होने पर मजबूर कर दिया है।  यह मल्टीबैगर स्टॉक्स वह स्टॉक्स होते हैं जो शेयर मार्केट में बहुत ही कम दामों में मिलते हैं और उनका रेट अचानक ही बढ़ जाता है लेकिन इसके पीछे एक गणित कार्य करता है । 


शेयर बाजार में 2 तरीके की लॉबी काम करती हैं।  एक वह होते हैं जो   तेजड़िये कहे जाते है और  दूसरे वह होते हैं जो  मंदड़िये  कहे जाते है। 

 तेजड़िये शेयर मार्केट में  शेयर के रेट  को ऊपर उठाने वाले लोग होते हैं इससे उन्हें फायदा होता है।  मंदड़िये  लोग मार्केट में शेयर के भाव को कम करते हैं इससे इन्हें कम करने में ही फायदा होता है।  


अब जानते हैं  शेयर का क्या अर्थ होता है ? शेयर  का अर्थ होता है हिस्सेदारी।  यह एक अंग्रेजी का शब्द है।  मान लीजिए कोई कंपनी में एक लाख के शेयर जारी हुए हैं कोई व्यक्ति जितने शेयर उस कंपनी में खरीदता  है  उसे उसकी उतनी हिस्सेदारी उस कंपनी में  मानी जाती है ,मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 10000 शेयर खरीदे है  तो वह उस कंपनी में 10% का हिस्सेदार माना जाता है । 


स्टॉक्स-   स्टॉक उस कंपनी में उस व्यक्ति की हिस्सेदारी को दिखाता है व्यक्ति उस हिस्सेदारी को जब चाहे किसी अन्य को बेच सकता है और किसी अन्य से वह शेयर खरीद सकता है बशर्ते कि उसका शेयर मार्केट के अनुसार रजिस्टर्ड डिमैट अकाउंट हो।  


भारत के सबसे बड़े दो  स्टॉक एक्सचेंज को बीएसई और एनएसई कहा जाता है।  बीएससी का अर्थ है  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और एनएससी का अर्थ है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज।  बीएससी और   एनएससी में कंपनी के शेयर लिस्टेड किए जाते हैं, जो कंपनी की लाभदायकता के अनुसार शेयर का मूल्य दर्शाते है।   यह पूरा शेयर बाजार सेबी द्वारा नियंत्रित होता है।   सेबी अर्थात भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड  या सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया।  


सेबी की अनुमति के बिना कोई भी कंपनी अपना आईपीओ अर्थात इनिशियल पब्लिक आफरिंग जारी नहीं कर सकती।  कोई भी कंपनी स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध होने के लिए स्टॉक एक्सचेंज में  निश्चित सौदा करती है जिसके अनुसार उस कंपनी का समय समय पर अपनी गतिविधियों की जानकारी बाजार को देना जरूरी होता है।  इस जानकारी का प्रभाव निवेशकों पर पड़ता है ,जिससे निवेशक कंपनी का मूल्यांकन कर पाते हैं और इसी के आधार पर कंपनी के शेयर की मांग घटती या  बढ़ती है और शेयर की कीमत ऊपर नीचे होती है।  अगर कोई कंपनी सेबी के  नियमों का पालन नहीं करती तो  सेबी उसे एक्सचेंज से हटाने का अधिकार रखती है । 


आइए जानते हैं शेयर के प्रकार  - सामान्य शेर  कॉमन शेयर्स वे होते हैं  जिनकी संख्या सबसे अधिक है।   बोनस शेयर या लाभांश शेयर कंपनी देती है जो कि उसके मौजूदा लाभांश का एक अंश होता है।  


आइए जानते हैं ।  stock कैसे खरीदें ?  यह आप पर निर्भर करता है कि आप खुद स्टॉक्स खरीदना चाहते हैं या किसी  ब्रोकर की मदद से ?  ब्रोकर आपका उचित प्रकार से मार्गदर्शन करके उसके बदले कोई निश्चित फीस लेता है या आपके धन का  प्रतिशत वह लेता है । 


किसी वस्तु या सेवा को कुछ समय के बाद लाभ ना  पाने की अपेक्षा से जब आप खरीदते हैं तो वह ट्रेडिंग कहलाता है यह शेयर बाजार का सबसे प्रचलित शब्द है, सरल शब्दों में लाभ कमाने के उद्देश्य से स्टॉक को खरीदना या बेचना ट्रेडिंग कहलाता है।  


 शेयर खरीदना तब चाहिए जब उसका दाम कम हो और होल्ड करके उसे रखो फिर तब बेचो जब उसका दाम अधिकतम ऊंचाई पर आ जाएं परंतु शेयर मार्केट में इतनी अनिश्चितता बनी रहती है कि मार्केट कब घटेगा या बढ़ेगा या कोई विशेषज्ञ भी नहीं कह पाता ।  


आइए जानते हैं ट्रेडिंग के प्रकार - 


इंट्राडे - 

1 दिन के लिए किया जाने वाला बाय/सेल का प्रकार है


स्विंग ट्रेडिंग - 

इसमें  शेयर खरीदने के बाद कुछ हफ्ते दिन नया महीने के बाद लाभ मिलने पर बेचा जाता है


तीसरा प्रकार है - 

स्कल्पिंग वास्तविक समय के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर व्यापार करने की एक विधि है। फोरेक्स ट्रेडिंग में स्कल्पिंग का मतलब है आमतौर पर बड़ी संख्या में ट्रेडों को रखना, ताकी प्रत्येक ट्रेड से छोटा मुनाफा कमाया जा सके। कई घंटों, दिनों या हफ्तों के लिए एक स्थिति रखने के बजाय, स्कैल्पिंग का मुख्य लक्ष्य कुछ ही मिनटों में कुछ पिप्स प्राप्त करना है। 


कंपनी के बारे में पूरी और सही जानकारी हो तो स्टॉक मार्केट में मुनाफा कमाया जा सकता है



आइए अब जानते हैं खाता कैसे खोलें ? 


खाता खोलने के लिए आपको केवाईसी करवाना होगा और demat एवं ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होगा । 

डिमैट अकाउंट में  आपके शेर डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखे जाते हैं और ट्रेडिंग अकाउंट में आप धनराशि जमा रखते हैं जिससे आप ट्रेड कर सकते हैं या शेयर को खरीद व   बेच  सकते हैं।  इस कार्य में मदद के लिए कुछ ब्रोकेरिंग फर्म्स है जो आपने कुछ  प्रतिशत मुनाफा लेकर आपको ट्रेडिंग में मदद करती है -  इनमे प्रमुख है -  groww  , Zerodha , Upstox  आदि।   


फिर मार्केट के विशेषज्ञ कैंडल चार्ट को देखकर अर्थात मोमबत्ती चार्ट को देखकर शेयर मार्केट के बारे में बताते हैं कि कौन से समय शेर खरीदना और बेचना उचित है कैंडल चार्ट में लाल और हरी  दो प्रकार के कलर वाली मोमबत्तियां होती है जो मार्केट के अप्प ट्रेंड या डाउनट्रेंड को दर्शाती है ।  




शेयर बाजार में दो महत्वपूर्ण कारक कार्य करते हैं  - डर और लालच


share  का दाम बढ़ने पर लालच आप पर हावी होता है और share  का दाम घटने पर   डर आप पर हावी होता है और इसी का फायदा किसी ना किसी निवेशक को हो रहा होता है।  अगर आप शेयर बाजार में सफल होना चाहते हैं तो आपका धन है इसीलिए निर्णय भी आपको ही लेना होगा कि आपको मार्केट में कब आना है और मार्केट को कब छोड़ना है   कब शेयर को खरीदना है और कब शेयर को बेचना है ।  


क्या आप अमीर बनना चाहते हैं ?

 क्या आप अमीर बनना चाहते हैं ? 




क्या आप अमीर बनना चाहते हैं ?  तो जान लीजिए कि 95% अमीर लोग पैसों के बारे में अलग तरीके से कैसे सोचते हैं ।  


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अमीर व्यक्ति रिस्क लेते हैं।  

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 आप हर बार सफल ही हो यह जरूरी नहीं ।  आपको भावनात्मक रूप से अमीरों की तरह मजबूत बनना ही होगा।  


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90% वही लोग आगे बढ़ते हैं।  

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यदि वे असफल रहते हैं, तो बार-बार पर प्रयत्न  तब तक  करते हैं जब तक कि सफलता ना मिले और यदि उन्हें लगता है कि यह रास्ता ठीक नहीं है तो वे रास्ता बदलने को भी तैयार रहते हैं।  

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उन्हें हारने या  असफल होने का भय नहीं होता।  

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 वे हमेशा सीखते हैं।  


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85% अमीर लोग स्वयं के विकास पर पैसा खर्च करते हैं।  


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अमीर किस जगह पर पैसा लगाते हैं ?  जहां धन की बढ़ोतरी होती रहे।  

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वे  बचत से ज्यादा इन्वेस्टमेंट INVESTMENT करने में यकीन रखते हैं।  

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आश्चर्यजनक रूप से यह बात सत्य है कि वह(99%अमीर) धन से अधिक समय को महत्व देते हैं, 

क्योंकि धन तो कमाया जा सकता है 
परंतु 
समय नहीं।  


Saturday, July 22, 2023

अमीर क्यों बनना चाहिए ?

 



अमीर क्यों बनना चाहिए ?







इन्फ्लेशन या मुद्रास्फीति रोकड़ अर्थात कैश को खा जाती है।  आपकी इनकम 6% यदि बढ़ती है तो इन्फ्लेशन 10% के आसपास बढ़ जाती है।  आइए इस मुद्रास्फीति को समझते हैं यदि एक व्यक्ति 1980 में किसी वस्तु को ₹1000 में खरीद सकता था, तो अब वही वस्तु 2023 में ₹10000 से भी अधिक में खरीद पाएगा।  सोना जो एक बहुमूल्य धातु है 1980 में 10 ग्राम  ₹1330 का था 2022 में वह 10 ग्राम ₹50205 का हो गया।  इस प्रकार हम मुद्रास्फीति को समझ सकते हैं इसका सामान्य अर्थ यह हुआ कि यह बचत जो है वह व्यर्थ धन हो जाता है।   निवेश ही सब कुछ है धन तभी अच्छा है जब अन्य कागज की तरह न रखकर उसका उपयोग किया जाए।   बैंक में रखा हुआ बचत खातेमें रखा हुआ  धन  आपको अमीर नहीं बनाता क्योंकि बैंक आपको केवल 4% तक इंटरेस्ट देता है इस प्रकार आप के धन को डबल होने में लगभग 500 वर्ष का समय चाहिए । अगर आपका धन बढ़ नहीं रहा तो आप जल्दी ही दिवालिया हो जाएंगे।  धन राजा नहीं है परंतु बहता हुआ धन राजा है।   


'Flowing Cash is Money'  धन बढ़ाने के लिए स्वयं में ,व्यापार में, रियल एस्टेट में निवेश कीजिए और पैसिव इनकम के सोर्स बनाइए ।  क्या आप धनवान बनना चाहते हैं ? क्या धनवान बनने का रास्ता बचत को मानते हैं  ? तो आप गलत है।   इसके लिए आपको यह लेख पढ़ना अति आवश्यक है क्योंकि बचत से आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते, आप केवल निवेश से ही अमीर बन सकते हैं ।  आपके आसपास के वातावरण का असर आप पर अवश्य होता है।  अगर आप के सलाहकार स्वयं धन के प्रबंधन को नहीं जानते और अभी आपको सलाह दे रहे हैं कि अमीर कैसे बने ?  तो आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते ।  धनवान बनने के लिए आपको धन कमाने के रास्ते ढूंढने होंगे ।  इसके लिए आपको इंटरनेट का उपयोग करना सीखना होगा।  डिजिटल वस्तुएं बेचना सीखना होगा।   आपको अपनी कौशल अर्थात स्किल को बढ़ाना होगा ।   गणित के अनुसार गणना करनी होगी, एक योजना बनानी होगी और फिर आगे बढ़ना होगा ।  


पैसे पेड़ पर नहीं उगते। परंतु ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो यह कह सके कि मैं खुश हूं क्योंकि मैं अमीर नहीं हूं ।  हर कोई धन चाहता है केवल प्यार नहीं।  सच तो यह है कि धन सब कुछ नहीं तो धन के बिना भी कुछ नहीं।   बचपन से आपको यह गलत सिखाया गया है कि धन के पीछे मत भागो।  जबकि आपको यह जानना जरूरी है यदि आप अधिक  धन कमाते हैं तो आप अधिक लोगों की मदद भी कर सकते हैं।  आप अरबपति बनते हैं तो आपके साथ जुड़े लोग भी करोड़पति   लखपति तो बन ही जाते हैं  । आप लोगों की मदद करना, दान देना, जैसे भले कार्य तभी कर पाते हैं जब आपके पास पर्याप्त मात्रा से अधिक धन हो।  


चंद सवालों के जवाब देने के कार्यक्रम से या लॉटरी का टिकट खरीदने से धनी बननेवाले लोग बहुत जल्दी ही गरीब भी बन जाते हैं क्योंकि उनकी मानसिकता गरीबों वाली ही रहती है।  अमीर बनना एक गणित है, एक तरीका है, यह कोई भी शॉर्टकट नहीं है । लोग इसलिए अमीर नहीं बन पाते क्योंकि वह सम्भावनाओ पर विचार ही नहीं करते । जो अमीर बनने के लिए जरूरी है आपके पास अमीर बनने का एक ब्लूप्रिंट या रूपरेखा होनी चाहिए।   कुछ लोग धन कमाना जानते हैं,  कुछ लोग धन को जोड़ना जानते हैं और बहुत कम लोग धन को बढ़ाना जानते हैं।   टीवी, स्कूल ,कॉलेज, ऑनलाइन सभी जगह हास्यास्पद वित्तीय सलाह दी जा रही है।  एक कथन बरसों से कहा गया है -उधार बीमारी है -कभी मत लो ,परंतु सच तो यह है कि उधार भी दो प्रकार का होता है -अच्छा उधार और बुरा उधार।  अमीर व्यक्ति दूसरों के धन पर, बैंक से धन लेकर, आईपीओ से धन लेकर, बिजनेस करते हैं यह सब अच्छे उधार के प्रकार ही तो है।  धन बनाने में, कमाने में बिजनेस करने में स्पष्टता चाहिए, तभी आप प्रगति कर सकते हैं अन्यथा नहीं।  धन का यह गोल्डन नियम है आपको समाज की एक बंधी हुई मानसिकता से बाहर आकर कार्य करना होगा, सोचना होगा ,समाज की  मानसिकता कहती है कि अच्छे से पढ़ाई करो -अच्छी नौकरी करो -अच्छा घर खरीदो, शादी करो, बच्चे पैदा करो, बुढ़ापे के लिए धन की बचत करो और ईश्वर का धन्यवाद करो यह चक्र समाज में वर्षों से चलता रहता है कोई भी यह नहीं कहता कि आप को शिक्षित होकर एक एंटरप्रेन्योर बनना है और बिजनेस करके कई लोगों को नौकरी देनी है।  

Tuesday, July 18, 2023

वित्तीय स्वतंत्रता or FINANCIAL INDEPENDENCE IN HINDI

 



वित्तीय स्वतंत्रता or FINANCIAL  INDEPENDENCE IN HINDI


 वित्तीय स्वतंत्रता का अर्थ है आपको अपनी आजीविका एवं भविष्य के दैनिक खर्चों को लेकर चिंता ना करनी पड़े और आपके पास अपने सभी शौख और जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त निष्क्रिय इनकम के प्रवाह हो ।

हमारा पैसा हमारे लिए काम करें और हमें सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता ना रहे ।

लगभग काफी बड़ी संख्या में विश्व की आबादी जिंदगी भर काम करती रहती है और वित्तीय स्वतंत्रता का सपना देखती रहती है परंतु वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने हेतु कोई सक्रिय कदम नहीं उठाती ।

हम अपने जीवन में नए वाहन लेने की, नया घर लेने की,नया गैजेट लेने की, वेकेशन कहां मनाना है आदि यह सभी योजनाएं बनाते हैं परंतु जब अपने पैसे को मैनेज करने की बात आती है। तो हम फाइनेंसर प्लानर को या वित्तीय फाइनेंसर एजेंट को ढूंढते हैं और उसके भरोसे अपनी मेहनत से कमाए धन को योजनाओं में लगा देते हैं । यह बात सदैव याद रखें धन और असीमित है समय नहीं ।

एक बार आप धन को कमाने, निवेश करने, बचत करने के तरीके सीख लेते हैं, तो आप जल्दी ही वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त कर लेते हैं किसी भी देश में जल्दी यानी कि जवानी में ही रिटायर होने या यूं कहें कि वित्तीय रूप से स्वतंत्रता प्राप्त करने का विचार रखने को बुरा माना जाता है । 

वित्तीय स्वतंत्रता और महिलाएं


वर्षों से भारत के घरों में महिलाएं बचत का प्रमुख केंद्र रही है । जब जब घर में पुरुषों को धन अथवा प्रबंधन के दिक्कत आई है, तब तब घर की महिलाओं ने उनको आगे बढ़ने में मदद की है, चाहे वह धन की मदद हो या वित्तीय प्रबंधन की योजना हो । 

भले ही महिलाएं निवेश के क्षेत्र में अधिक नहीं है परंतु बचत प्रबंधन में उनका कोई मुकाबला नहीं है।  अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए महिलाएं खुद को और परिवार को सशक्त बना रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण इस वक्त भारत की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण है जो कि देश को प्रगति के लिए वित्तीय दिशा दे रही है । 

इतनी सारी उपलब्धियों और वित्तीय क्षमता के बावजूद महिलाएं पति अथवा परिवार के सदस्य पर निर्भर रहती है और वित्तीय निवेशकों से दूर रहना पसंद करती है। 

 महिलाओं के लिए वित्तीय स्वतंत्रता, वित्तीय ज्ञान और जागरूकता बेहद जरूरी है । वित्तीय स्वतंत्रता अर्थात आपके पास मौजूद धन संबंधी फैसले लेने की आजादी । 


Sunday, July 16, 2023

पैसिव आय प्राप्त करने के लिए नेटवर्किंग

 

पैसिव आय प्राप्त करने के  तरीके


पैसिव आय प्राप्त करने के लिए नेटवर्किंग बनाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन कर सकते हैं




सामुदायिक आयोजनों में भाग लें: आप स्थानीय सामुदायिक आयोजनों, व्यापार समारोहों, क्लब्स, या संगठनों में भाग लेकर नेटवर्क बना सकते हैं। ऐसे सामान्य मंचों पर जाने से आपको लोगों से मिलने और उनके साथ जुड़ने का अवसर मिलता है जो आपकी पैसिव आय को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।


सोशल मीडिया का उपयोग करें: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना प्रोफाइल बनाएं और विषय से संबंधित समूहों, समूहों और फोरमों में शामिल हों। यहां आप लोगों के साथ विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं, अपने कौशल को दिखा सकते हैं, और उन्हें अपने पैसिव आय की प्राप्ति के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं।


प्रोफेशनल नेटवर्किंग इवेंट्स: व्यापारिक नेटवर्किंग इवेंट्स, कॉन्फ़्रेंस, सेमिनार या व्यापार संगठनों के सदस्यता में शामिल हों। यहां आपको उच्च स्तर के व्यक्तियों और अन्य उद्यमियों से मिलने का अवसर मिलेगा और आप अपने पैसिव आय को विकसित करने के लिए उनके साथ जुड़ सकेंगे।


अच्छे  संबंध बनाएं: व्यापारिक संबंध बनाने के लिए सत्यनिष्ठता, विश्वासघात और समर्पण के साथ अपने नेटवर्क के साथी  बनाये । आप उनकी मदद कर सकते हैं, उन्हें सलाह दे सकते हैं और उनकी सहायता कर सकते हैं ताकि वे भी आपकी सहायता कर सकें और आपकी पैसिव आय को बढ़ा सकें।


सतर्क और सक्रिय रहें: नेटवर्किंग में सफल होने के लिए सतर्क रहें और नए अवसरों का आनंद लें। आपको बार-बार अपडेट करने और आपके नेटवर्क के साथियों के साथ संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता होगी।


पैसिव आय प्राप्त करने के लिए कौशल विकसित करने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन कर सकते हैं:


नए क्षेत्र में शिक्षा: आपको नए क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए जिनमें आपकी रुचि हो और जिन्हें आप अच्छी तरह से सीख सकते हैं। यह एक नयी क्षेत्र में काम करने के लिए आपकी क्षमता को विस्तारित करेगा और आपको नई अवसरों को देखने में मदद करेगा।


आत्म-अध्ययन: अपने इंटरेस्ट के आधार पर आत्म-अध्ययन करें और नई कौशल और ज्ञान प्राप्त करें। आप ऑनलाइन कोर्सेज, ई-बुक्स, वीडियो ट्यूटोरियल आदि के माध्यम से स्वयं को संदर्भित कर सकते हैं और अपने कौशल को मजबूत कर सकते हैं।


मेंटर या कोच से सहायता लें: एक मेंटर या कोच ढूंढें जो आपकी रुचि के क्षेत्र में अनुभवी हों और जो आपको निर्देशन और सहायता प्रदान कर सकें। एक मेंटर या कोच आपको सीखने में मदद करेंगे, आपकी प्रगति को मार्गदर्शन करेंगे और आपके कौशल को विकसित करने में मदद करेंगे।


अनुभव के माध्यम से सीखें: अपने क्षेत्र में अनुभवी लोगों के साथ काम करें और उनके साथ शिक्षा अनुभव प्राप्त करें। इससे आपको उनकी तकनीकों, अनुभवों और विचारों का अधिक ज्ञान प्राप्त होगा और आप खुद को विकसित करने के लिए नए और अधिक उत्पादक तरीकों का अध्ययन कर सकेंगे।


अपने नेटवर्क को बढ़ाएं: अपने नेटवर्क को बढ़ाने के लिए समारोह, कार्यशाला, कन्फ़्रेंस आदि में भाग लें। यह आपको उन लोगों से मिलवाएगा जो आपकी रुचि और कौशल में माहिर हैं और जो आपकी पैसिव आय को प्रभावी ढंग से विकसित कर सकते हैं।

पैसिव आय क्या है ?

 



पैसिव आय क्या है  ? 





पैसिव आय वह आय है जो आपको नियमित रूप से प्राप्त होती है और जिसके लिए आपको सक्रिय या नियमित रूप से काम करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसका मतलब है कि आपको आय की आपूर्ति निरंतर रहती है चाहे आप काम करें या ना करें। पैसिव आय की विभिन्न स्रोत हो सकते हैं, जिन्हें नीचे वर्णित किया गया है:


किराए की आय: आप अपनी संपत्ति को किराए पर देकर किराए की आय प्राप्त कर सकते हैं। यह वाणिज्यिक निर्माण, मकान, दुकान आदि के मालिकाना हक़ से हो सकता है।



ब्याज की आय: आप अपनी बचत खाते, आवास ऋण आदि में निवेश करके ब्याज की आय प्राप्त कर सकते हैं। इसमें बैंक सुविधाएँ, जमाख़ोरी, राजस्व निवेश योजनाएँ आदि शामिल हो सकती हैं।


आवासीय संपत्ति की मूल्य वृद्धि: अगर आप आवासीय संपत्ति खरीदते हैं तो उसकी मूल्य में वृद्धि होने से आप पैसिव आय प्राप्त कर सकते हैं। इसे किराए पर देने या खरीदारी के बाद उसे बेचने से आय प्राप्त हो सकती है।


रोयाल्टी: अगर आपके पास कोई अधिकृत सामग्री, पुस्तक, सॉफ्टवेयर, गाना या कोई अन्य सामग्री है तो आप इसे लाइसेंस करके रोयाल्टी की आय प्राप्त कर सकते हैं।


स्टॉक और मुद्रा बाजार: यदि आप शेयर बाजार या मुद्रा बाजार में निवेश करते हैं, तो आप इसके माध्यम से पैसिव आय कमा सकते हैं। इसमें निवेश वृद्धि और नकदी वितरण शामिल हो सकता है।



व्यापार की संपत्ति: यदि आप व्यापार के माध्यम से निवेश करते हैं और व्यापार को स्थापित करते हैं, तो यह आपको पैसिव आय की प्राप्ति कराने में मदद कर सकता है। आप उत्पाद बना सकते हैं, सेवाएं प्रदान कर सकते हैं और अपने कारोबार को विस्तारित करके अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं।


डिविडेंड: यदि आप किसी कंपनी के स्टॉक्स में निवेश करते हैं, तो आप वहाँ से डिविडेंड की आय प्राप्त कर सकते हैं। डिविडेंड कंपनी के लाभ का एक हिस्सा होते हैं जिन्हें उनके स्टॉकधारकों को बांटा जाता है।


ऑनलाइन व्यापार: आजकल ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मों के माध्यम से आप ई-कॉमर्स, अफ़िलिएट मार्केटिंग, ब्लॉगिंग, यूट्यूब चैनल, आदि के माध्यम से पैसिव आय कमा सकते हैं। आप डिजिटल सामग्री या सेवाएं बेचकर अपनी आय का स्रोत बना सकते हैं।


रियल एस्टेट की किराए पर देने: अगर आपके पास रियल एस्टेट संपत्ति है, तो आप उसे लोगों को किराए पर देकर पैसिव आय की प्राप्ति कर सकते हैं। यह आपको नियमित रूप से किराये की आय प्रदान करेगा।


प्रतिष्ठित निवेश योजनाएँ: आप बैंकों, वित्तीय संस्थानों या बाजार निवेश योजनाओं में निवेश करके भी पैसिव आय कमा सकते हैं। ये निवेश योजनाएं आपको ब्याज के रूप में नियमित आय प्रदान करती हैं।


ई-बुक्स: यदि आपके पास विशेषज्ञता, ज्ञान या रचनात्मक लेखन की क्षमता है, तो आप ई-बुक्स लिखकर पैसिव आय कमा सकते हैं। आप ई-बुक्स को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मों पर प्रकाशित करके इसे बेच सकते हैं और जब कोई ई-बुक खरीदता है, तो आपको रोयाल्टी मिलती है।


वेबिनार्स: आप वेबिनार्स आयोजित करके विशेषज्ञता और ज्ञान को शेयर कर सकते हैं और उसे पैसिव आय का स्रोत बना सकते हैं। आप वेबिनार के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क ले सकते हैं और जब लोग आपके वेबिनार को देखते हैं, तो आपको आय प्राप्त होती है।


इवेंट्स: आप विशेषज्ञता के आधार पर सेमिनार, कार्यशाला, यात्रा, कन्फरेंस, या अन्य इवेंट्स आयोजित करके पैसिव आय कमा सकते हैं। लोग आपके इवेंट में भाग लेने के लिए रजिस्टर करते हैं और जब आप इवेंट्स को संचालित करते हैं, तो आपको आय प्राप्त होती है।

बैंक ऑफ इंडिया से 5 साल के लिए छात्रवृत्ति ऋण प्राप्त करने के लिए क्या करे ?

 


बैंक ऑफ इंडिया से 5 साल के लिए छात्रवृत्ति 

ऋण प्राप्त करने के लिए क्या करे ? 




बैंक ऑफ इंडिया से 5 साल के लिए छात्रवृत्ति ऋण प्राप्त करने के लिए आप निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:

  • बैंक ऑफ इंडिया के नजदीकी शाखा में जाएं और छात्रवृत्ति ऋण के लिए आवेदन पत्र लें। आपको आवेदन पत्र में अपने नाम, पता, योग्यता और अन्य आवश्यक जानकारी प्रदान करनी होगी।
  • आवेदन पत्र के साथ आपको आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां भी साथ लेनी होगी, जैसे कि:

  • पाठ्यक्रम या कोर्स से संबंधित दस्तावेज़ (प्रवेश प्रमाण पत्र, कोर्स की विवरण, आदि)
  • आय के संबंध में दस्तावेज़ (पिछले तीन महीनों के वेतन पत्र, अगर हाल ही में कोई काम किया है तो)
  • प्रगति की रिपोर्ट (पिछले कक्षा के अंक पत्र, यदि लागू हो)
  1. अपने छात्रवृत्ति ऋण आवेदन को पूरा करने के बाद, आपको अपनी शाखा के अधिकारी के पास जाना होगा और आवेदन पत्र और सभी दस्तावेज़ों को सबमिट करना होगा।


  2. आवेदन के सबमिशन के बाद, बैंक कर्मचारी आपकी छात्रवृत्ति ऋण आवेदन पर जांच करेंगे और आपसे अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज़ की मांग कर सकते हैं।


  3. आवेदन की पुष्टि करने के बाद, बैंक आपके आवेदन को स्वीकार करेगा और ऋण की अनुमोदना करेगा। वे आपको ऋण की राशि, ब्याज दरें और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के साथ अधिसूचना पत्र देंगे।


  4. अगर आपका छात्रवृत्ति ऋण मान्य होता है, तो बैंक आपको राशि को आपके बैंक खाते में स्थानांतरित करेगा।




ध्यान दें कि यह सिर्फ एक आम प्रक्रिया है और यह बैंक ऑफ इंडिया की नीतियों और दस्तावेज़ों के आधार पर बदल सकती है। आपको अपनी नजदीकी शाखा से संपर्क करके विस्तृत जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।



शिक्षा ऋण को तेजी से चुकता करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का पालन कर सकते हैं


अधिक भुगतान करें: यदि आपके पास अतिरिक्त नकदी है, तो आप मासिक भुगतान से अधिक भुगतान करके ऋण की प्राथमिकता को बढ़ा सकते हैं। इससे आप ब्याज को कम कर सकते हैं और ऋण को तेजी से संतुलित कर सकते हैं।

  1. अग्रिम भुगतान करें: यदि आपको वित्तीय संभावनाएं हैं और अतिरिक्त नकदी है, तो आप अग्रिम भुगतान करके ऋण की मात्रा को कम कर सकते हैं। अग्रिम भुगतान से ब्याज की राशि को कम किया जा सकता है और आप ऋण को तेजी से चुकता कर सकते हैं।


  2. अतिरिक्त आय का उपयोग करें: यदि आपको किसी अन्य स्रोत से आय प्राप्त होती है, तो आप उसे शिक्षा ऋण के चुकता करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। आप उपभोग्य आइटमों पर खर्च कम करके आय को आवंटित कर सकते हैं और इससे ऋण को तेजी से चुकता कर सकते हैं।


  3. इनकम बढ़ाएं: आप अपनी वेतन या इनकम को बढ़ा सकते हैं जिससे आपका ऋण चुकता करने की क्षमता बढ़ेगी। आप अपने कैरियर में प्रगति करने का प्रयास कर सकते हैं, स्किल्स को बढ़ा सकते हैं और अतिरिक्त आय के लिए अन्य विकल्प खोज सकते हैं।


  4. छोटे संचय बचत करें: आप अपने खर्च को कम करके और बचत को बढ़ाकर अतिरिक्त नकदी इकट्ठा कर सकते हैं। इस नकदी को ऋण की प्राथमिकता के लिए उपयोग करने में मदद मिलेगी।

यह थे कुछ उपाय जिनका प्रयोग करके आप शिक्षा ऋण को तेजी से चुकता कर सकते हैं। ध्यान दें कि इन उपायों को अपनी वित्तीय स्थिति के आधार पर और अपने बैंक की नीतियों के अनुसार अनुकूलित करें।





Saturday, July 15, 2023

10 साल का म्यूचुअल फंड रिटर्न चार्ट

 

10 साल का म्यूचुअल फंड APPROX. रिटर्न चार्ट

निवेशकों के लिए 10 साल का म्यूचुअल फंड रिटर्न चार्ट उन्हें निवेश के लिए विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन करने में मदद करता है। यहां हम आपके लिए 10 साल के लिए कुछ म्यूचुअल फंड के अद्यतन रिटर्न चार्ट प्रस्तुत कर रहे हैं:


SBI बैंक म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 12.5%

HDFC म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 11.8%

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 13.2%

ICICI प्रुदेंशियल म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 12.1%

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 11.5%

Aditya Birla Sun Life म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 12.7%

Mirae Asset म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 13.5%

Nippon India म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 12.3%

LIC म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 11.2%

Tata म्यूचुअल फंड: 10 साल के लिए औसत वार्षिक रिटर्न - 11.6%




यह केवल कुछ उदाहरण हैं और अन्य म्यूचुअल फंड भी उपलब्ध हैं। रिटर्न चार्ट के अलावा, निवेश करने से पहले आपको म्यूचुअल फंड के निवेशकीय आवश्यकताओं और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।

म्यूचुअल फंड क्या है?

 

म्यूचुअल फंड क्या है?




आपने म्यूचुअल फंड के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका अर्थ क्या है और यह कैसे काम करता है? यदि आपके मन में इससे जुड़े सवाल हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। हम इस लेख में म्यूचुअल फंड के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और आपके सभी सवालों के जवाब देंगे।

म्यूचुअल फंड क्या है?

म्यूचुअल फंड एक वित्तीय उपकरण है जिसमें निवेशकों के पैसे को एकत्र करके उनकी निवेश विकल्पों में निवेश किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को अच्छे रिटर्न देना है और उनकी निवेशों को सुरक्षित रखना है। म्यूचुअल फंड में एक प्रबंधक टीम होती है जो निवेशकों के पैसों को संचालित करती है और उनके लिए विभिन्न निवेश करती है।

म्यूचुअल फंड के लाभ

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के कई लाभ हैं। यहां हम कुछ मुख्य लाभों पर चर्चा करेंगे:

  1. निवेश की सरलता: म्यूचुअल फंड में निवेश करना आसान होता है। आपको सिर्फ एक बैंक खाता खोलना होगा और फंड कंपनी के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।

  2. पेशेवर प्रबंधन: म्यूचुअल फंड में निवेशकों के पैसों का प्रबंधन एक प्रोफेशनल टीम करती है। ये लोग निवेश करते समय बाजार की विश्लेषणा करते हैं और निवेश करने के लिए सबसे उचित विकल्पों का चयन करते हैं।

  3. विविधता: म्यूचुअल फंड में अलग-अलग प्रकार के फंड उपलब्ध होते हैं। आप अपनी आवश्यकताओं और वाणिज्यिक लक्ष्यों के आधार पर उपयुक्त फंड का चयन कर सकते हैं।

  4. लिक्विडिटी: म्यूचुअल फंड लिक्विडिटी प्रदान करते हैं, जिससे आपको आवश्यकता के अनुसार धन की वापसी की जा सकती है।

  5. निवेश का वितरण: म्यूचुअल फंड में निवेशकों के पैसे विभिन्न निवेशों में वितरित किए जाते हैं, जिससे निवेशकों का निवेश विविधता और रिस्क के अनुसार वितरित होता है।

निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड की खासियतें

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए निवेशकों को यहां दी गई खासियतों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. निवेश की अवधारणा: निवेशकों को समझना चाहिए कि म्यूचुअल फंड निवेश कार्यक्रम है, और इसमें निवेश करते समय रिस्क का सामरिक भाग बनता है।

  2. वित्तीय लक्ष्य: निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों को स्पष्ट करना चाहिए और उनके लिए उचित म्यूचुअल फंड का चयन करना चाहिए।

  3. निवेश धीरे-धीरे: निवेशकों को धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए और समय के साथ अपने निवेशों को बढ़ाना चाहिए।

  4. संतुलन: निवेशकों को अपने निवेश पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखना चाहिए। वे विभिन्न निवेश विकल्पों में निवेश करके अपने निवेशों को विविधता और रिस्क के अनुसार वितरित कर सकते हैं।

  5. अध्ययन करें: निवेशकों को निवेश करने से पहले अच्छी तरह से अध्ययन करना चाहिए। वे फंड की परफॉर्मेंस, निवेशकीय आवश्यकताएं, और फंड कंपनी के प्रबंधन को ध्यान में रखकर निवेश करें।



GROWW ऐप पर डिमैट और ट्रेडिंग खाता खोलना बहुत आसान है। निम्नलिखित चरणों का पालन करके आप अपना खाता खोल सकते हैं:

  1. ऐप इंस्टॉल करें: सबसे पहले, आपको अपने एंड्रॉयड या आईओएस डिवाइस में GROWW ऐप को इंस्टॉल करना होगा। आप Play Store या App Store से ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं।

  2. साइनअप: ऐप को खोलें और उपयोगकर्ता साइनअप पृष्ठ पर जाएं। यहां आपको अपनी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करके साइनअप प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

  3. पैन कार्ड और आधार कार्ड की पुष्टि करें: आपको अपने पैन कार्ड और आधार कार्ड की पुष्टि करनी होगी। इसके लिए आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटो अपलोड करने की आवश्यकता होगी।

  4. खाता खोलें: पुष्टि करने के बाद, आपको डिमैट और ट्रेडिंग खाता खोलने के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको आवेदन पत्र पर आवश्यक विवरण जैसे नाम, पता, पैन नंबर, आधार नंबर, व्यक्तिगत विवरण आदि दर्ज करने होंगे।

  5. KYC प्रक्रिया: आपको KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण आदि को अपलोड करना होगा।

  6. बैंक खाता जोड़ें: अंतिम चरण में, आपको अपना बैंक खाता जोड़ना होगा। इसके लिए आपको अपने बैंक खाते का विवरण जैसे बैंक का नाम, खाता संख्या, IFSC कोड आदि दर्ज करना होगा।

  7. अपनी निवेश प्रारंभ करें: इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, आप अपने डिमैट और ट्रेडिंग खाते के माध्यम से निवेश प्रारंभ कर सकते हैं। आपको ऐप के माध्यम से विभिन्न म्यूचुअल फंड और शेयरों में निवेश करने का विकल्प मिलेगा।

यह व्यावसायिक सलाह नहीं है, इसलिए निवेश करने से पहले आपको वित्तीय सलाह लेनी चाहिए। सुरक्षित निवेश के लिए अपने वित्तीय प्लानर या वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।



भारत में सर्वश्रेष्ठ म्यूचुअल फंड कंपनियां

  • एसबीआई म्यूचुअल फंड

  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड

  • एचडीएफसी म्यूचुअल फंड
  • डीएसपी ब्लैकरॉक म्यूचुअल फंड
  • आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड
  • कोटक म्यूचुअल फंड
  • एल एंड टी म्यूचुअल फंड

  • टाटा म्यूचुअल फंड